जम्मू-कश्मीर की फुटबॉल खिलाड़ी अफशां आशिक ने बताया, “जब मेरे घर वालों ने सपोर्ट नहीं किया था, तब मैंने सोच लिया था कि अपने स्ट्रगल को जारी रखूंगी, ताकि सोसाइटी में थोड़ा चेंज आये। जब मैं लड़कियों को मैदान में खेलते देखती हूं, एक्सरसाइज करते देखती हूं, तब मुझे बहुत खुशी होती है। मैं कहना चाहूंगी कि जम्मू-कश्मीर की लड़कियों को आगे आना चाहिए। खुद को फिट रखना बहुत बड़ी बात है।
उन्होंने आगे कहा, “हर लड़की को फिट रहना चाहिए, क्योंकि औरत मॉं होती है, बेटी होती है, बहू भी बनती है, जिसमें उसे बहुत सारी ऐसी चीजों से जूझना पड़ता है, जिसमें फिट रहना बहुत जरूरी है।”
पीएम मोदी ने कहा, “आपने जिस तरह से अचीव किया है, यह कश्मीर की बेटियों के साथ-साथ देश की बेटियों के लिए आप एक बहुत बड़ी इंस्पिरेशन बन गई हैं। आपने कई बच्चियों को इंस्पायर किया है। मुझे विश्वास है कि देश की कई लड़कियां आगे आयेंगी। एक गोल कीपर के रूप में काम करती हैं, तो आपके लिए केवल फिजिकल नहीं बल्कि मेंटल फिटनेस भी जरूरी है।”
अफशां ने कहा कि बतौर कीपर मुझे अपनी फ्लेक्सिबिलिटी पर ज्यादा ध्यान देना होता है। फुटबॉल का 60 प्रतिशत खेल कीपर पर निर्भर करता है। इसलिए कीपर को मेंटली फिट रहना भी बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने जब उनका रुटीन पूछा तो अफशां ने बताया, “मैं रोज सुबह साढ़े पांच बजे उठकर पहले मेडिटेशन करती हूं, ताकि अपने माइंड को शांत रख सकूं। फिर ग्राउंड जाती हूं और वर्कआउट करती हूं।”
पीएम ने पूछा कि कश्मीर में कौन सी ऐसी पारम्परिक चीजें हैं, जो लोगों को प्राकृतिक रूप से फिट रखने में मदद करें? इस पर अफशां ने कहा कि पहाड़ों पर ऑक्सीजन का लेवल कम होने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है, लेकिन समय रहते वे उस वातावरण में ढल जाते हैं। अब जब हम किसी दूसरे प्रदेश में खेलने जाते हैं, तो वहां हमारा स्टेमिना अपने आप बढ़ जाता है। पहाड़ों पर हमें फ्रेश एयर मिलती है, जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। साथ में प्राकृति हमारे मन को शांत रखने का काम करती है।
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