जम्मू – कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ( पीडीपी ) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू – कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा है . सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत अधिकतम कितनी हिरासत हो सकती है ? और महबूबा को कितने समय तक हिरासत में रखा जाएगा ।महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने पीडीपी नेता की हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है . इस मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी . सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि किसी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता और कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए
जम्मू – कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ती से पहले जम्मू – कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती , फारुख अब्दुल्ला , उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं को नजरबंद कर लिया गया था । हाल ही में फारुख और उमर अब्दुल्ला को छोड़ दिया गया । लेकिन महबूबा को अभी भी नजरबंद रखा गया है । आज कोर्ट में उनकी बेटी इल्तिजा ने रिहाई के लिए याचिका दायर की । याचिका पर सुनावाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल ( SG ) तुषार मेहता से पूछा कि कब तक और किस आदेश के तहत केंद्र सरकार महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखना चाहती है । कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा द्वारा दायर आवेदन पर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है ।
