नफ्ताली बेनेट ने रविवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही 12 साल से प्रधानमंत्री पद पर काबिज बेंजामिन नेतन्याहू का कार्यकाल खत्म हो गया। संसद में बहुमत हासिल करने के बाद दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के 49 वर्षीय नेता बेनेट ने रविवार को शपथ ली। जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल की नई सरकार में 27 मंत्री हैं, जिनमें से नौ महिलाएं हैं। बेनेट 120 सदस्यीय सदन में 60 सांसदों के साथ सरकार का नेतृत्व करेंगे। इससे पहले बेनेट ने संसद में संबोधन के दौरान अपनी सरकार के मंत्रियों के नामों की घोषणा की। बेनेट ने कहा कि इस निर्णायक समय हम यह जिम्मेदारी उठा रहे हैं। इस सरकार के अलावा बस यही विकल्प था कि और चुनाव करवाएं जाएं, इससे देश पर असर पड़ता।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर यामिना पार्टी के नेता नफ्ताली बेनेट को सोमवार को बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”इस्राइल का प्रधानमंत्री बनने पर नफ्ताली बेनेट को बधाइयां। हम अगले साल अपने कूटनीतिक संबंधों के उन्नयन के 30 साल पूरे कर रहे हैं और इस अवसर पर मैं आपसे मुलाकात करने तथा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने सफल कार्यकाल की समाप्ति पर पूर्व प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सराहना की और भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी पर निजी तौर पर ध्यान देने के लिए उनके नेतृत्व के प्रति आभार जताया।
बहुमत हासिल नहीं कर पाए थे नेतन्याहू
बताना चाहेंगे कि इस साल मार्च में हुए चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। दो साल में चार बार हो चुके चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार चलाने और 2 जून तक बहुमत साबित करने को कहा था। लेकिन इससे पहले ही विपक्षी गठबंधन ने बहुमत साबित कर दिया।
चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं बेनेट
इस्राइल में विपक्षी गठबंधन की तरफ से पहली बार में प्रधानमंत्री बनने वाले नफ्ताली बेनेट इस्राइली रक्षा बलों की एलीट यूनिट सायरेत मटकल और मगलन के कमांडो रह चुके हैं। वर्ष 2006 में वे राजनीति में आए। इसके बाद उन्हें नेतन्याहू का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया। बाद में वे न्यू राइट और यामिना पार्टी से भी नेसेट के सदस्य बने। जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2012 से 2020 के बीच बेनेट 5 बार सांसद रह चुके हैं।
इजरायल की नई सरकार विभिन्न विचारधाराओं वाली राजनीतिक पार्टियों का गठबंधन है जिसमें दक्षिणपंथी, वामपंथी और उदारवादी पार्टियां शामिल हैं।
सबसे लंबे समय तक पीएम बनने का रिकॉर्ड नेतन्याहू के नाम
नेतन्याहू के नाम इजरायली इतिहास में सबसे लंबे वक्त तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। वर्ष 1996 से 1999 के बीच पहले भी पद पर कार्यरत रहने के कारण, पिछले साल नेतन्याहू ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया था, जो यहूदी राज्य के संस्थापक नेताओं में से एक डेविड बेन गुरियोन के नाम दर्ज था। नयी सरकार के गठन के साथ ही इजरायल में चल रहा राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया, जहां पिछले दो वर्षों से भी कम समय में चार बार आम चुनाव हुए हैं और हर बार निर्णायक परिणाम नहीं निकल सका।
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