काबुल स्थित भारतीय दूतावास में नियुक्त राजदूत सहित दूतावास का पूरा स्टाफ नई दिल्ली लौट आया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राजदूत रुद्रेन्द्र टंडन और दूतावास के अन्य कर्मचारी मंगलवार अपराह्न नई दिल्ली पहुंच गए। इन लोगों को दो चरणों में नई दिल्ली लाया गया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस संबंध में एक ट्वीट में कहा कि भारतीय राजदूत और कर्मचारियों को काबुल से भारत लाने का काम बहुत मुश्किल और जटिल था। उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद दिया जिन्होंने इस काम को पूरा कराने में मदद की है।
भारतीय नागरिकों को सुरक्षा संबंधी परामर्श किए गए जारी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को समय-समय पर यात्रा व सुरक्षा संबंधी परामर्श जारी किए गए थे। साथ ही अफगानिस्तान में पहले से मौजूद लोगों से तुरंत लौटने का आग्रह किया गया जबकि अन्य को वहां यात्रा न करने की सलाह दी गई। फिर भी, हम समझते हैं कि उस देश में बहुत से भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें कुछ कामगार हैं, जो तीसरे देश की संस्थाओं में कार्यरत थे।
तीन टेलीफोन नंबर जारी
मंत्रालय की प्राथमिकता है कि अफगानिस्तान में रह रहे सभी भारतीयों के बारे में वास्तविक जानकारी हासिल की जाए। इन लोगों अथवा उनके सेवा योजकों को चाहिए की वे विदेश मंत्रालय के विशेष अफगानिस्तान प्रकोष्ठ को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके लिए तीन टेलीफोन नम्बर जारी किए गए हैं। (Phone: 91-11-49016783, 91-11-49016784, 91-11-49016785, WhatsApp: 91 80106 11290, Email: [email protected])।
ई-आपातकालीन वीजा सुविधा रहेगी जारी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारी वीजा सेवाएं ई-आपातकालीन वीजा सुविधा जारी रहेंगी, जिसका विस्तार अफगान नागरिकों के लिए भी किया गया है। इस सुविधा को ई-वीजा पोर्टल (https:ndianvisaonline.gov.in/evisa/Registration ) के तहत प्राप्त किया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफगानिस्तान के सिख और हिन्दू समुदाय के नेताओं की ओर से मंत्रालय को वीजा अनुरोध मिले हैं। मंत्रालय उनके संपर्क में है।
नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध
इस दौरान विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारे सामने काबुल हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन को लेकर बड़ी चुनौती है। इस सिलसिले में सहयोगी देशों से उच्च स्तर पर विचार-विमर्श किया गया है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बारे में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से बातचीत की है।
मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसके लिए काबुल हवाई अड्डे पर नागरिक उड़ानें शुरु होने पर उड़ानों की व्यवस्था की जाएगी
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