2016 से शुरू किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण, दुनिया का सबसे बड़ा शहरी सफाई और स्वच्छता सर्वेक्षण है। इस सर्वेक्षण में सबसे पहले मैसूर को सबसे साफ शहर का खिताब मिला था, लेकिन उसके बाद से लगातार चौथी बार मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का दबदबा आज भी कायम है। इस बार भी सबसे स्वच्छ शहर का खिताब इंदौर ले गया। दूसरे नंबर पर गुजरात का सूरत और तीसरे नंबर पर नवी मुंबई रहा।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी द्वारा गुरुवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम घोषित किये गये। स्वच्छता के मामले में आर्थिक राजधानी इंदौर लगातार तीन साल (2017, 2018, 2019) तक शीर्ष स्थान पर रहा।
अगर इंदौर के इतिहास को देखें तो शुरू से ही भारतीय नक्शें पर इसकी छाप रही है।। ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन के साथ इंदौर के इतिहास में एक तीव्र मोड़ आया। इंदौर के होलकरों ने 1803 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया था। इंदौर का इतिहास भारत की स्वतंत्रता तक दिनों के अनुसार और गहरा होता गया जब 1947 में भारत के प्रभुत्व में राज्य आया। मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र पर स्थित इंदौर, राज्य के सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्रों में से एक है। इंदौर का समृद्ध कालानुक्रमिक इतिहास गौर करने लायक है। योर के दिनों में भी यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था। लेकिन आज कॉर्पोरेट फर्मों और संस्थानों के प्रवेश के साथ, इसने देश के वाणिज्यिक क्षेत्र में एक बड़ा नाम कमाया है।
जहां तक शहर के स्वच्छ रहने का बात है सबसे ज्यादा योगदान शहर के सफाई कर्मियों का है, उसके बाद प्रशासन और शहर के लोगों का है। कोरोना की वजह से हुये लाकडाउन में भी शहर को स्वच्छ रखने के लिये सिर्फ प्रशासन ने पूरा खाका तैयार कर लिया। इंदौर शहर में लगातार सड़कों की सफाई हुई, रात में प्रमुख सड़कें रोज धुलीं, घर-घर से रोज कचरा लिया जाता रहा और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों के रूट को चुना। इसमें लोगों का भी भरपूर सहयोग रहा। जिसकी वजह से एक बार फिर इंदौर नंबर वन बना है।
मध्य प्रदेश के अन्य तीनों महानगर भी स्वच्छता सर्वेक्षण की टॉप-20 सूची में जगह बनाने में सफल रहे। प्रदेश की राजधानी भोपाल इस सूची में सातवें नम्बर पर है, जबकि ग्वालियर 13वें और जबलपुर 17वें स्थान पर रहा। राजधानी भोपाल की बात करें तो पिछले साल यह देश के स्वच्छ शहरों में 19वें नम्बर पर था। इस बार भोपाल की रैंकिंग के जबरदस्त सुधार हुआ और यह देश का सातवां सबसे स्वच्छ शहर बन गया। ग्वालियर शहर इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में 46 अंकों की छलांग लगाकर 59 से 13वें नम्बर पर पहुंचा है। वहीं, जबलपुर भी टॉप-20 स्वच्छ शहरों में जगह बनाने में सफल रहा।
सोर्स – प्रसार भारती
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